my daughter is columnist for women issues in "sarjangatha"
मानवाधिकार का विशाल घेरा और महिलायें
शर्मिला इरोम
पिछले दस साल से इसी क़ानून के विरोध में भूख हडताल पर है। नाक में नली डाल कर उसे ज़बरन तरल पदार्थ दिया जा रहा है, इसके अलावा पुलिस में यातना देने और शक़ की बिनह पर हिरासत में रखे जाने की ख़बरें सुर्खियों में रहती है जिसके चलते महिला अपनी शिकायत दर्ज़ करवाते हुये भी डरती है। अपने पिता द्वारा दी गई ज़मीन लडकी अपने भाईयों के नाम कर देती है ना चाहते हुये भी यह सोचकर की मायके से उसके संबंध ख़राब ना
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